16
Feb
कोसमनारा (रायगढ़): स्थापना दिवस मं मुख्यमंत्री साय के संबोधन, किसान मन बर अंतर राशि के घोषणा
महाशिवरात्रि के अवसर मं रायगढ़ जिला के कोसमनारा धाम मं आयोजित स्थापना दिवस अऊ शपथ ग्रहण समारोह मं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होइस। कार्यक्रम ला संबोधित करत मुख्यमंत्री कहिन कि समाज जब संगठित अऊ जागरूक रहिथे, त विकास ला मजबूती मिलथे। साहू समाज के एकजुटता, शिक्षा अऊ समर्पण प्रदेश के सामाजिक अऊ आर्थिक उत्थान मं महत्वपूर्ण भूमिका निभावत हवय।
मुख्यमंत्री अपन संबोधन मं किसान मन बर घोषणा करत कहिन कि समर्थन मूल्य मं धान बेचे वाले 25 लाख ले जियादा किसान मन ला ₹3100 प्रति क्विंटल के दर ले अंतर राशि होली ले पहिली एकमुश्त प्रदान करे जाही। मुख्यमंत्री कहिन कि लगभग ₹10,000 करोड़ के राशि सीधे किसान मन के खाता मं अंतरित करे जाही। उन कहिन कि अन्नदाता मन के समृद्धि सरकार के सर्वोच्च प्राथमिकता हवय।
कार्यक्रम ले पहिली मुख्यमंत्री कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 सत्यनारायण बाबा जी अऊ भक्त माता कर्मा-कृष्ण मंदिर मं पूजा-अर्चना करिन। मुख्यमंत्री प्रदेशवासी मन के सुख-समृद्धि अऊ खुशहाली बर कामना करत महाशिवरात्रि के शुभकामना दीन। संबोधन दौरान मुख्यमंत्री कहिन कि 16 फरवरी 1998 ले पूज्य सत्यनारायण बाबा खुले आकाश के नीचे निरंतर तपस्या मं लीन हवंय, जऊन अद्वितीय अऊ प्रेरणादायक हवय।
मुख्यमंत्री कहिन कि कोसमनारा धाम सामाजिक समरसता अऊ आस्था के प्रतीक बन गे हवय। उन अपन सार्वजनिक जीवन के उल्लेख करत कहिन कि बाबा जी के आशीर्वाद ले उनला चार बेर सांसद अऊ आज मुख्यमंत्री के रूप मं सेवा के अवसर मिलिस। मुख्यमंत्री बाबा भोलेनाथ अऊ बाबा सत्यनारायण ले प्रदेशवासी मन बर कृपा बनाय रखे के कामना करिन।
कार्यक्रम दौरान मुख्यमंत्री कोसमनारा स्थित कर्मा साहू सामुदायिक भवन के ऊपर अतिरिक्त निर्माण बर ₹50 लाख के घोषणा करिन। मुख्यमंत्री श्री रामलला दर्शन योजना अऊ मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के उल्लेख करत कहिन कि ये योजना मन के माध्यम ले प्रदेशवासी मन ला प्रमुख तीर्थ स्थल मन के यात्रा के अवसर मिलत हवय।
समारोह मं समाज कल्याण मं योगदान बर कई समाजसेवी मन ला सम्मानित करे गीस। कोरबा जिला साहू संघ के पत्रिका अऊ बाबा सत्यनारायण चालीसा के विमोचन घलो करे गीस। कार्यक्रम मं उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी अऊ बड़ी संख्या मं श्रद्धालु उपस्थित रहिन।




